Swayam sahayata samuh mein rojgar। स्वयं सहायता समूह में रोजगार 2024। गन्ने के पौधे की खेती

 राष्ट्रीय आजीविका मिशन nrlm के अंतर्गत आने वाले स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर प्रदान किए गए हैं।

समूह की महिलाओं को वर्ष 2024 में गन्ने की पौध की खेती करके करोड़ों रुपए कमाने की विधि बताने जा रहे हैं। अधिक और स्पष्ट जानकारी जानने के लिए आप नीचे दिए गए वीडियो को भी देख सकते हैं।

स्वयं सहायता समूह की महिलाएं गन्ने की पौध का रोजगार कैसे करें।

Swayam sahayata samuh से जुड़ी हुई महिलाओं के लिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन अनेक प्रकार की नौकरियां एवं रोजगार के नए नए अवसर प्रदान करता है।

स्वयं सहायता समूह की महिलाएं गन्ने की पौध का रोजगार करके महीने के आराम से 20000से ₹30000 कमा सकते हैं।

गन्ने की अधिक पैदावार वाली पौधों को उत्पन्न करके स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हुई महिलाएं अच्छा खासा रोजगार कर सकती हैं।

स्वयं सहायता समूह से जुड़ी अधिकतर महिलाएं ग्रामीण क्षेत्र की होती हैं इसलिए इस रोजगार को करने के लिए उनके पास अच्छे खासे अवसर हैं।

कम लागत में अधिक मुनाफा वाला ग्रामीण क्षेत्र में आसानी से किया जा सकता है।

आइए जानते हैं नीचे चरण बद्ध तरीके से कि गन्ने की पौध का रोजगार कैसे शुरू किया जा सकता है।

  1. गन्ने की पौध का रोजगार शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको अपने राज्य के कृषि विभाग से संपर्क करना होगा।
  2. कृषि विभाग के अधिकारियों से नवीनतम संशोधित गन्ने की पौधे की जानकारी लेनी होगी।
  3. नवीनतम शोधित गन्ने की पौध की जानकारी लेने के बाद आपको मार्च-अप्रैल में गन्ने के बीज को खेत में बो लेना होगा।
  4.  शोधित गन्ने की पौधे के बीज को तैयार करने के लिए अच्छी खासी खाद एवं रासायनिक उर्वरक की आवश्यकता होगी जिसकी जानकारी आप जहां से गन्ने का बीज लें वहां से अवश्य प्राप्त कर लें।
  5. गन्ने की पौध तैयार होने में 1 से डेढ़ महीने लग जाएंगे।
  6. इसके बाद आप इसे गेहूं काटकर गन्ना बोने वाले किसानों को आसानी से बेच सकते हैं।

गन्ने की पौध का रोजगार करने हेतु लगने वाली लागत और मुनाफा।

स्वयं सहायता समूह की महिलाएं गन्ने की पौध का रोजगार 20,000 से लेकर ₹100000 तक की लागत में शुरू कर सकती हैं। गन्ने की एक पौधे तैयार करने के लिए 2.60 पैसे की लागत आती है।

इस गन्ने की पौध को आप ₹3 से लेकर 10 या ₹15 प्रति पौध के हिसाब से बेच सकते हैं।

कहने का मतलब यह है कि यदि आप इसे ₹3 प्रति पौध के हिसाब से भेजते हैं तो 40 पैसा शुद्ध मुनाफा होगा।

गन्ने की ऐसी 100000 पौधे तैयार करने के लिए 1 एकड़ भूमि पर्याप्त होगी।

लेकिन आमतौर पर गांव में गन्ने के स्कूल को ₹5 से लेकर ₹10 तक बेचा जाता है। तो इस हिसाब से यदि आप ₹100000 गन्ने की पौध तैयार कर लेते हैं। तो उस पर ₹700000 मुनाफा कमा सकते हैं।

गेहूं काटकर गन्ना बोने वाले किसानों को इससे बड़ा फायदा होगा क्योंकि उन्हें डेढ़ से 2 महीने पहले तैयार की गई गन्ने की पौध मिल जाएगी और जो उनको समय लगेगा वह पहले बोए हुए गन्ने के हिसाब से ही होगा।

गन्ने की पौधों को कहां और कैसे बेचे।

गन्ने की सोधित पौध को अपने नजदीकी चीनी मिल से संपर्क करके गन्ना किसानों को बेच सकते हैं। इसके अलावा आपको बता दें कि इस खुद को तैयार करने के लिए चीनी मिल द्वारा आप को 20 से 25% तक की सब्सिडी भी दी जाती है।

चीनी मिलों द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार देने के लिए बढ़ावा दिया जाता है इसलिए आसानी से स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बनने की पौध का रोजगार कर सकते हैं।

ग्रामीण क्षेत्र में 70% से 80% लोग खेती करते हैं। उत्तर प्रदेश में गन्ने की खेती पर्याप्त मात्रा में की जाती है। इसलिए आप इस गन्ने की पौध को जहां पर गन्ने की खेती होती है वहां बेंच सकते हैं।

Leave a comment