Samuh sakhi ka vetan|समूह सखी को कितना वेतन मिलता है

Samuh sakhi ka vetan

राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत चल रहे स्वयं सहायता समूह में समूह की देखरेख के लिए समूह सखी नियुक्त की जाती हैं। ब्लाक स्तर पर स्वयं सहायता समूह के लिए आने वाली योजनाओं के बारे में जानकारी देना समूह सखी का कार्य होता है। स्वयं सहायता समूह में समूह सखी को कितना वेतन मिलता है? किस आधार पर वेतन मिलता है? यह जानते हैं।

Samuh sakhi को किस आधार पर वेतन मिलता है।

Swayam sahayata samuh में समूह सखी को प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो समूहों पर एक समूह सके की नियुक्ति की जाती है। स्वयं सहायता समूह में समूह सखी को समूह की महिलाओं को राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत आने वाले सभी योजनाओं की जानकारी देना एवं समूह का गठन करने से संबंधित एवं समूह चलाने रजिस्टर भरने से संबंधित समस्त जानकारी देनी होती है।

समूह सखी की नियुक्ति संविदा पर की जाती है। संविदा पर नियुक्त की जाने वाली समूह सखी यदि अच्छा कार्य करते हैं तो उन्हें सरकारी नौकरी की तरह वेतन मिलता है।

समूह सखी को अपने अंतर्गत गठित समूह को ट्रेनिंग देना एवं समूह संचालन का कार्य करना होता है।

Samuh sakhi को ग्राम संगठन द्वारा वेतन एवं भत्ता मिलता है। समूह सखी को उसके प्रत्येक महीने में किए गए कार्यों के आधार पर वेतन दिया जाता है।

ग्राम संगठन में समूह सखी के कार्यों का विश्लेषण समूह के सदस्य जैसे अध्यक्ष कोषाध्यक्ष एवं सचिव करते हैं। समूह सखी को उसके कार्यों के आधार पर अन्य गांव में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाता है जिसके लिए ग्राम संगठन उन्हें आने-जाने का किराया एवं अतिरिक्त भत्ता देता है।

समूह सखी का वेतन कितना है| Samuh sakhi ka vatan kitana hai ।

स्वयं सहायता समूह में समूह सखी को समूह में कराए गए कार्यों के अनुसार वेतन मिलता है। समूह सखी के अंतर्गत गठित समूह में यदि कुल 24 महिलाएं हैं और समूह सखी उनके रजिस्टर उनकी बैठक एवं जमा निकासी का कुल कार्य करते हैं तो वह महीने के 1500 से लेकर ₹5000 तक कमा सकते हैं। Samuh sakhi को यह वेतन चेक के माध्यम से राष्ट्रीय आजीविका मिशन भारत सरकार की तरफ से दिया जाता है।

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