स्वयं सहायता समूह के नियम | swayam sahayata samuh ke niyam

स्वयं सहायता समूह के नियम | swayam sahayata samuh ke niyam

 राष्ट्रीय आजीविका मिशन NRLM के अंतर्गत चल रहे स्वयं सहायता समूह में समूह की महिलाओं को समूह गठन के बाद नियम का पालन करना होता है। स्वयं सहायता समूह में नियम क्या है। स्वयं सहायता समूह के नियम का पालन करना क्यों आवश्यक है। पूरी जानकारी के लिए यह पोस्ट पढ़ते रहे।

स्वयं सहायता समूह में पंच सूत्र क्या है और इनका पालन करना क्यों है जरूरी।

Swayam sahayata samuh में पंच सूत्रों का पालन करना जरूरी है |

स्वयं सहायता समूह का गठन महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए एवं उनमें उद्यमिता , संगठन तथा आर्थिक बचत को प्रोत्साहित करने के लिए किया जाता है।(swayam sahayata samuh ke panch sutra) राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह के गठन के बाद समूह को अच्छी प्रकार भली भांति चलाने के लिए के लिए पांच नियम का निर्माण किया गया, जो इस प्रकार हैं।

1. स्वयं सहायता समूह की नियमित बैठक करना

समूह के गठन से पहले समूह की महिलाओं को समूह से जुड़े सदस्यों को इकट्ठा करके प्रत्येक सप्ताह में एक सप्ताहिक बैठक करनी होती है। इस बैठक में स्वयं सहायता समूह की सदस्य महिलाएं अपनी समस्या अथवा नए उद्योग स्थापित करने पर चर्चा करते हैं। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बैठक के दौरान एक दूसरों के आर्थिक संकट एवं बचत पर चर्चा करती हैं। स्वयं सहायता समूह के पंच नियम में से पहला नियम नियमित बैठक करना है।

Swayam sahayata samuh ki baithak
Swayam sahayata samuh ki baithak

2. समूह के अंदर नियमित बचत करना

 Swayam sahayata samuh गठन के बाद समूह की महिलाएं साप्ताहिक बैठक के दौरान प्रत्येक सदस्य से घर की बचत का धन जमा कर समूह के नाम से खोले गए बैंक खाते में जमा कराती हैं। स्वयं सहायता समूह में सप्ताहिक बैठक के दौरान बचत धन को जमा कर के खाते में जमा कराना पंच नियम के दूसरे सूत्र के रूप में बताया गया है।

3. समूह के अंदर सदस्यों की मांगों के अनुसार लोन का परिचालन

स्वयं सहायता समूह गठन के बाद बैंक सदस्यों को समय-समय पर राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत निर्धारित फंड और लोन प्रदान करता है। समूह के अध्यक्ष कोषाध्यक्ष एवं सचिव लोन को समूह के सदस्यों की मांगों के अनुसार वितरित करते हैं। स्वयं सहायता समूह के सदस्य बैंक द्वारा लिए गए laon को उद्योग अथवा समूह के सदस्य के आर्थिक संकट का निपटारा करने के लिए उपयोग करते हैं।

4. Laon का समय पर भुगतान करना

स्वयं सहायता समूह के सदस्य उद्योग अथवा आर्थिक संकट के लिए लिए गए laon लोन पर ब्याज सहित समय पर चुकाते हैं।

Swayam sahayata samuh के सदस्यों को bank loan को निश्चित समय अवधि के अंदर चुकाना होता है।

5.बही खातों का सही रखरखाव एवं भरना

स्वयं सहायता समूह के पंच नियम में सबसे महत्वपूर्ण और पांचवा सूत्र स्वयं सहायता समूह के रजिस्टर एवं बही खातों को सही प्रकार से जानकारी भरना एवं उनका रखरखाव करना होता है।

राष्ट्रीय आजीविका मिशन भारत सरकार द्वारा चल रहे स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ऊपर बताए गए पंच सूत्रों का पालन करना चाहिए।

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