स्वयं सहायता समूह की बैठक कैसे की जाती है | swayam sahayata samuh ki baithak kaise karen

स्वयं सहायता समूह की बैठक कैसे करें

 Swayam sahayata samuh के गठन के बाद स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को साप्ताहिक बैठक करनी होती है। अगर आप स्वयं सहायता समूह के सदस्य हैं और जाना चाहते हैं कि समूह में बैठक कैसे की जाती है।

आइए जानते हैं स्वयं सहायता समूह में समूह की बैठक कैसे की जाती है।

स्वयं सहायता समूह की बैठक कैसे करें।

स्वयं सहायता समूह के रजिस्ट्रेशन के बाद समूह की महिलाओं को प्रत्येक सप्ताह में एक बैठक अवश्य करनी चाहिए। सप्ताह के किसी एक दिन समूह के अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और सचिव इस बैठक को एकत्र करेंगे।

Swayam sahayata samuh की बैठक में समूह की आर्थिक समस्याओं एवं बचत किए गए धन से गृह उद्योग एवं अन्य प्रकार के रोजगार करने पर चर्चा की जाए।

समूह की बैठक की शुरुआत कैसे करें?

स्वयं सहायता समूह में साप्ताहिक बैठक की शुरुआत में सबसे पहले समूह के सदस्यों को गोलाकार में बैठना चाहिए। इस गोले के बीच में समूह के रजिस्टर एवं कार्यपुस्तिका इत्यादि रखनी चाहिए।

समूह की बैठक की शुरुआत समूह की प्रार्थना से करें। समूह की प्रार्थना कोई भी हो सकती है। जैसे स्कूलों में बच्चों की प्रार्थना से स्कूल की कक्षा में प्रदान की जाती है उसी प्रकार समूह की बैठक प्रार्थना से प्रारंभ करने पर अच्छी शुरुआत मानी जाती है।

समूह की बैठक में सदस्यों का परिचय।

समूह की सपहिक बैठक के दौरान प्रार्थना के उपरांत

समूह के अध्यक्ष कोषाध्यक्ष और सचिव समूह में जुड़े हुए सदस्यों का परिचय कराएंगे। सभी सदस्य हो सके तो अपना अपना परिचय स्वयं दे। अपना परिचय स्वयं देने से समूह के सदस्यों की आत्मशक्ति और बोलने की क्षमता बढ़ती है।

स्वयं सहायता समूह की बैठक में निर्णय।

स्वयं सहायता समूह की बैठक में समूह के सदस्यों को सबसे पहले बैठक में होने वाले चर्चा के बिंदुओं को तय करना होता है। समूह के सदस्य बैठक के दौरान समूह में धान के बचत एवं धन के उपयोग के बारे में चर्चा करते हैं।

 समूह के सदस्य बैठक के दौरान यह निर्णय लेते हैं। किस समूह के सदस्य को आर्थिक सहायता अथवा उद्योग के लिए लोन की आवश्यकता है।

समूह की बैठक में रजिस्टर को भरना।

स्वयं सहायता समूह की बैठक के दौरान बुक्कीपर समूह में हुई चर्चाओं एवं योजनाओं तथा निर्णय को रजिस्टर में लेखा कार्य के रूप में अंकित करेंगे।

बैठक के दौरान जमा किए गए बचत के धन की धनराशि का लेखा-जोखा करना।

समूह की बैठक का मूल्यांकन।

समूह में बैठक समाप्त करने से पहले समूह के प्रमुख सदस्य अध्यक्ष कोषाध्यक्ष और सचिव को बैठक की कार्रवाई पढ़कर सुना नहीं होती है।

बैठक की कार्रवाई पढ़कर सुनाने का कार्य बुक कीपर का होता है। लेकिन उसकी अनुपस्थिति में अथवा समूह में यह पद ना होने पर समूह के प्रमुख अध्यक्ष इस कार्य को करते हैं।

समूह की बैठक समाप्त करने से पहले इस बैठक में आए हुए समस्त सदस्यों के हस्ताक्षर लेने होते हैं।

इस तरह समूह के सदस्यों की बैठक पर पूरी होती है।

Leave a comment